Sunday, December 1, 2013

bitiya

देवी का रूप देवो का मान है बेटिया
घर को जो रोशन करे वो चिराग होती बेटिया
माँ की छाव पिता का अभिमान होती बेटिया
मत मारो इनको कोख में...
बेटो को जो जन्म दे वो माँ होती बेटिया ।।

कभी लक्ष्मी बाई कभी हाडा रानी होती बेटिया
कभी कल्पना तो कभी सुनीता है बेटिया
अपने लाल को जो करे वतन पे कुर्बान...
ऐसी वीरांगना पन्नाधाय होती बेटिया ।।

जमीं से लेकर नभ तक छाई हुई है बेटिया
नवरात्री के नव व्रत होती बेटिया
मत करो अभिमान सिर्फ बेटो पर....
बेटा गर भाग्य है तो सौभाग्य होती बेटिया ।।

सीता, सावित्री, सत्यभामा होती बेटिया
कभी राधा तो कभी मीरा बाई है बेटिया
बेटा तो एक कुल का चिराग है....
दो दो कुल की लाज होती बेटिया ।।
*****SAVE GIRLS*****